Dawood Ibrahim Property : भगोड़े अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम से जुड़ी रत्नागिरी स्थित पुश्तैनी जमीनों को आखिरकार खरीदार मिल गए हैं। दो लोगों ने दाऊद से जुड़ी संपति को इस बार खरीद लिया है। लंबे समय से बार-बार नीलामी के बावजूद इन संपत्तियों के लिए खरीदार नहीं मिल रहे थे, लेकिन हालिया नीलामी में यह प्रक्रिया आगे बढ़ती दिखाई दी है।
रत्नागिरी में पुश्तैनी जमीनों की नीलामी
5 मार्च 2026 को केंद्र सरकार द्वारा आयोजित की गई। नीलामी में रत्नागिरी जिले के खेड़ तालुका के मुम्बके गांव स्थित चार कृषि भूखंडों के लिए बोली लगाई गई। यह सभी जमीनें दाऊद इब्राहिम के परिवार, खासकर उनकी मां अमीना बी के नाम पर दर्ज थीं। इस नीलामी में एक मुंबई के एक शख्स ने एक प्लॉट जबकि दूसरे एक शख्स ने बाकी के तीन प्लाट लिए सबसे ऊंची बोली लगाकर हासिल किया है। हालांकि दोनों खरीदारों की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
सरकार ने SAFEMA कानून के तहत की कार्रवाई
इन संपत्तियों को “स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स (फॉरफीचर ऑफ प्रॉपर्टी) एक्ट (SAFEMA)” के तहत जब्त किया गया था। यह कार्रवाई उन संपत्तियों के खिलाफ की जाती है, जिनका संबंध अपराध या तस्करी से जुड़ा होता है। इन जमीनों को बेचने की कोशिश पिछले कई वर्षों से की जा रही थी। 2017, 2020, 2024 और 2025 में भी नीलामी हुई, लेकिन या तो कोई बोली लगाने वाला सामने नहीं आया या प्रक्रिया सफल नहीं हो सकी। नवंबर 2025 की नीलामी में तो पहली बार ऐसा हुआ था कि एक भी बोली लगाने वाला सामने नहीं आया, जिससे इन संपत्तियों को बेचने में मुश्किलें और बढ़ गई थीं।
कितने रुपये में हुआ सौदा
चारों भूखंडों के लिए अलग-अलग रिजर्व प्राइस तय किए गए थे, जिनमें कुछ प्लॉट्स की कीमत कुछ हजार रुपये से लेकर करीब 9 लाख रुपये तक थी। एक प्रमुख प्लॉट, जिसकी रिजर्व कीमत करीब 9.41 लाख रुपये थी, वह 10 लाख रुपये से अधिक में बिका। नीलामी जीतने वालों को अप्रैल 2026 तक पूरी रकम जमा करनी होगी। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी की अंतिम मंजूरी मिलने पर यह सौदा पूरी तरह से वैध हो जाएगा। दाऊद इब्राहिम की पुश्तैनी संपत्तियों की यह नीलामी सरकार की उस प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसके तहत अपराध से जुड़ी संपत्तियों को जब्त कर उन्हें बेच दिया जाता है। लंबे समय तक खरीदार न मिलने के बाद अब इन जमीनों का बिकना एक अहम कदम माना जा रहा है।
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